E-NAM Kya hai? छोटे और सीमांत किसानों पर ई-नाम का प्रभाव
E-NAM Kya hai? भारत में ज़्यादातर किसानों के पास बहुत छोटे खेत हैं दो हेक्टेयर से भी कम ज़मीन। उन्हें अक्सर अपनी फ़सलों का अच्छा दाम न मिलना, बड़े बाज़ारों तक न पहुँच पाना और बिचौलियों पर बहुत ज़्यादा निर्भर रहना जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जो उनकी कमाई का एक हिस्सा हड़प लेते हैं। उनकी मदद के लिए, सरकार ने 2016 में ई-नाम (इलेक्ट्रॉनिक राष्ट्रीय कृषि बाज़ार) शुरू किया। यह एक ऑनलाइन प्रणाली है जहाँ किसान अपनी फ़सलें अलग-अलग जगहों के खरीदारों को सीधे बेच सकते हैं। इससे उन्हें ज़्यादा पैसा कमाने में मदद मिलती है और बिचौलियों की धोखाधड़ी कम होती है। इसके अलावा, सरकार फसलों के भंडारण के लिए जगह बनाने में मदद के लिए धन (सब्सिडी) दे रही है, ताकि किसान उन्हें बेहतर कीमतों पर स्टोर और बेच सकें। ई-नाम क्या है ?(E-NAM) Electronic National Agriculture Market (E-NAM) छोटे और सीमांत किसानों के बाज़ार परिणामों को बेहतर बनाने की अपार संभावनाएँ प्रदान करता है। यह पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी बाज़ारों तक पहुँच बढ़ाकर इन किसानों की ऐतिहासिक कमियों का तुरंत समाधान करता है। हालाँकि, यदि इसकी क्षमता को...



